मुखड़ा
दहिया बेचन बर हां...
मोर चले ग्वालिन, दहिया बेचन बर हां 2
अंतरा:
1/ये सतयुग दहिया शिवपुर बेचे, शिव को
भोग लगाये 2
जब भस्मासुर ला भसम करी डारे,दहिया
बेचन बर हां....
मोर चले ग्वालिन,दहिया बेचन बर हां 2
2/ये त्रेता दहिया अवधपुरी बेचे, राम को
भोग लगाये 2
जब रावण दल को नाश कराये, दहिया
बेचन बर हां....
मोर चले ग्वालिन,दहिया बेचन बर हां 2
3/ये द्वापर दहिया गोकुल बेचे, कृष्ण को
भोग लगाये 2
जब कौरव दल के नाश कराये, दहिया बेचन
बर हां....
मोर चले ग्वालिन,दहिया बेचन बर हां 2
4/ये कलयुग दहिया यमपुर बेचे,काली को
भोग लगाये 2
जब पापी ला मारे धरनी उबारे, दहिया बेचन
बर हां....
मोर चले ग्वालिन,दहिया बेचन बर हां 2
मोर चले ग्वालिन,दहिया बेचन बर हां 2
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: Pekhanlal Sahu Dhamtari CG
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