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100 लिरिक्स
| 1 | LK1247 | कौरु नगर बर हो मोला संग देबे माता-मिथलेश्वरी सेन |
| 2 | LK378 | कहा तो माता तोर अनमन जनमन |
| 3 | LK401 | चंदन झूलना मां झूलना झूले मोर मईया |
| 4 | LK871 | मोह माया मा संगी तै हा झन भुलाना (विनय पटेल) |
| 5 | LK489 | चोला माटी के हे राम |
| 6 | LK775 | सोला सिंगार करके, लाली चुनरिया ओढ़े |
| 7 | LK260 | श्री भगवती चरण ला मनावव वो |
| 8 | LK297 | आरती उतारव हो दियना थारी ला धर के |
| 9 | LK702 | महाराज कुमार महाराज कुमार सेवा कठिन दुरगा के |
| 10 | LK271 | मोर गांव के शीतला दाई तोला बन्दव ओ |
| 11 | LK895 | डारा ले टुटके पाना गिरे |
| 12 | LK691 | माटी होही तोर चोला रे संगी |
| 13 | LK703 | पिंजरा ले बोले मैना सुन लेना मोर कहना |
| 14 | LK322 | घर घर दिया हो माता |
| 15 | LK262 | नव दिन बर आये ओ पहुना बरोबर दाई |
| 16 | LK324 | तोला मोला सब ला जाना हे |
| 17 | LK333 | मोला बेटा कहिके बुलाले |
| 18 | LK735 | मुख मुरली बजाए |
| 19 | LK1252 | बेला चमेली और गुलाब लगे हैं-देवेश शर्मा |
| 20 | LK374 | डोरी सांस के बंधे बम भोला ले |
| 21 | LK705 | उडी जाही रे चिरैया पिजरा ले उडी जाही ना |
| 22 | LK384 | मोर पथरा के देवता, सुनत नईए वो |
| 23 | LK265 | सगे बेटी होगे सगा पहुना |
| 24 | LK304 | सुवा नाचे सातो बहिनिया |
| 25 | LK288 | हो मईया फूल गजरा |
| 26 | LK923 | सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स |
| 27 | LK1024 | ये गरजत आये महामाई मोर नवागढ़ ले-श्रीराम ठाकुर |
| 28 | LK261 | जुग बन्दव माता काली चरन जुग हो |
| 29 | LK346 | मैया ला नींद आवय वो |
| 30 | LK344 | मोर भोले बाबा बईला मा चढ़के |
| 31 | LK291 | भोला संग लड़े बर भीड़ गे |
| 32 | LK342 | मन मोर लंगुरवा वो दाई |
| 33 | LK464 | चलो दरस बर जाबो जाबो डांगरगढ़ बमलाई के |
| 34 | LK798 | भारत मा के रतन बेटा बढ़िया अव गा |
| 35 | LK892 | CG सोहर गीत - मनेश्वर ध्रुव |
| 36 | LK311 | जप हर हर हर हर भोला गुरू महादेव |
| 37 | LK951 | चले आबे वो मैया अंगना मा मोर |
| 38 | LK343 | यहो कब होही तोर दर्शन मैया |
| 39 | LK1185 | जब झुरहूर झुरहूर हां जब नार बहत हे |
| 40 | LK1251 | हो मैया चंडीका हो दुर्गा अंबिका-खुशबू साहू |
| 41 | LK290 | ढोल बाजे रे, नंगारा बाजे न |
| 42 | LK363 | इतना के बेरिया कउन देव ला सुमिरव वो |
| 43 | LK303 | बजरंगबली बजरंगबली गली गली म नाम हे |
| 44 | LK388 | तोला बंदव दाई |
| 45 | LK1245 | तुम उठव भवानी जगमग जगमग हां-आंचल वर्मा |
| 46 | LK524 | गांव आयोध्या कस लागत हे गली गली सुंदर महकत हे |
| 47 | LK383 | फुलवा के डोरी |
| 48 | LK891 | जुग जुग जिए तोर लाला - डिग डिगा डिग डिगा - लोकेश्वरी सेन |
| 49 | LK310 | परेतिन दाई बोईर के |
| 50 | LK701 | गीत कोनो गाहूं गोरी तोर नाव के |
| 51 | LK1254 | ये पनिहा ऊपर पुराईन पुराईन ऊपर फुलवा-अशोक सर्वंश |
| 52 | LK402 | अइसन भोले बाबा ला |
| 53 | LK336 | धमतरी के बिलई माई |
| 54 | LK706 | ये अमराई मा (रामायण भजन) |
| 55 | LK752 | बित जाए ना सारी उमरिया (रामायण) |
| 56 | LK604 | कहा जाबे रे बैरी आज तोर काल खड़े हे |
| 57 | LK778 | जब दौड़े कालिका रक्त पियन बर हां |
| 58 | LK295 | थैया थैया नाचे मोर अंगना |
| 59 | LK272 | तोला दुर्गा कहव की माँ काली |
| 60 | LK355 | ए दुलौरिन दाई ओ जिनगी हावय दिन चार |
| 61 | LK772 | दाई दुर्गा दाई वो तोर चरण मा पड़े हव |
| 62 | LK915 | फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे |
| 63 | LK889 | हो अवघडिया बाबा भोला तै कहाए |
| 64 | LK773 | संगवारी मोर तै ह कभू झन भुलाबे हरि के नाम ला |
| 65 | LK340 | नेवता नेवत के हो जग रचेव महामाई |
| 66 | LK357 | तोला घेरी बेरी परनाम वो |
| 67 | LK327 | मोला संग देबे दाई आवत जावत ले हा |
| 68 | LK332 | आरूग हे कलशा दाई |
| 69 | LK283 | झुमरी तलैया के पारे |
| 70 | LK373 | जगतारण देवी वो.... तोर महिमा बरनी न जाए |
| 71 | LK405 | अंधरी अंधरा दाई ददा ला तीरथ घूमा दिये रे |
| 72 | LK699 | सुंदर कांड छत्तीसगढ़ी मा हो |
| 73 | LK734 | मुड़ मा बिराजे हावै महामाई ना |
| 74 | LK530 | गवैया होते त गवातेंव तोला वो नचैया होते त नचातेंव रे |
| 75 | LK948 | जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है -हेमंत तेली |
| 76 | LK1065 | कौन विधि बरनव वो तोर नाम ला दुर्गा |
| 77 | LK1255 | संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव मईया-डेविड निराला |
| 78 | LK339 | सुन ले मोर गोहार महामाई |
| 79 | LK276 | सावन म शिव जी ला मनाबो |
| 80 | LK286 | ओ मईया झुप झुप महुला नचाई दे |
| 81 | LK421 | बाम्हन चिरइया मैं सुन रे सुवना तैं |
| 82 | LK700 | जय हो जय गणपति महाराज |
| 83 | LK795 | सुन लो सुन लो राम के अमर कहानी ला |
| 84 | LK754 | भक्ति के बंधे डोरी न (रामायण) |
| 85 | LK830 | मोर घर राम जरूर आही जी |
| 86 | LK887 | ये तन के पिंजरा ले सुवना फूर ले उड़ जाही गा |
| 87 | LK581 | मोरे करम हा हावै दगाबाज रे |
| 88 | LK1244 | चले सगुरी नहाय माता भुवन ले निकल के |
| 89 | LK354 | बईठे हावस तरिया के पार |
| 90 | LK305 | चहके चिरैया बोले वो |
| 91 | LK289 | निंबुआ के धरम के दुआर हो माया |
| 92 | LK589 | ये दे जिनगी के नई हे ठिकाना लहर गंगा |
| 93 | LK519 | एक पतरी रैनी बैनी राय रतन |
| 94 | LK278 | यहो जग पर कलशा |
| 95 | LK890 | CG सोहर गीत, स्वर- गीतांजली |
| 96 | LK517 | इही धरम ले धरम हे वो अवो मोर दाई फेर धरम नई तो पईबे वो |
| 97 | LK930 | तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा |
| 98 | LK309 | तोर घर के अंगना मा दाई |
| 99 | LK371 | जोरव जोरव जोरव जोरन हो |
| 100 | LK479 | छुनुर छुनुर पैरी बाजे रे गोरी |