🌼 जसगीत – भोला गुरु महादेव 🌼
मुखड़ा:
जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव ॥2॥
अंतरा 1:
जब कुकरा के बासत भोला तैंहा नहाये ॥2॥
तोर अंग मा मरघट के भोला राख लगाये ॥2॥
तोर पांव मा चंदन के भोला खड़ाउ सजाये ॥2॥
जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव ॥2॥
अंतरा 2:
तोर कनिहा मा पहिरे भोला बघवा के छाला ॥2॥
तोर गला मा तैं पहिरे भोला सर्पन के माला ॥2॥
तोर भुजा मा बंधाये भोला तुलसी के माला ॥2॥
जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव ॥2॥
अंतरा 3:
तोर हाथ मा धरे भोला लोहा के त्रिशूले ॥2॥
तोर कान मा अवगढ़िया बाबा बिच्छी हा झुले ॥2॥
अहो नंदिया बैला के सवारी तुही ला खुले ॥2॥
जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव ॥2॥
अंतरा 4:
तोर माथे मा बिराजे भोला दूजे के चंदा ॥2॥
तोर जटा ले बोहाये भोला जगतारण गंगा ॥2॥
तोर सेवा ला बजाके भोला हो जांहु चंगा ॥2॥
जप हरहर हरहर भोला गुरु महादेव ॥2॥
✍ लेखक: unknown
🎤 प्रस्तुतकर्ता: SUNDRANI
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