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396 लिरिक्स
| 1 | LK378 | कहा तो माता तोर अनमन जनमन |
| 2 | LK401 | चंदन झूलना मां झूलना झूले मोर मईया |
| 3 | LK702 | महाराज कुमार महाराज कुमार सेवा कठिन दुरगा के |
| 4 | LK297 | आरती उतारव हो दियना थारी ला धर के |
| 5 | LK322 | घर घर दिया हो माता |
| 6 | LK261 | जुग बन्दव माता काली चरन जुग हो |
| 7 | LK384 | मोर पथरा के देवता, सुनत नईए वो |
| 8 | LK271 | मोर गांव के शीतला दाई तोला बन्दव ओ |
| 9 | LK346 | मैया ला नींद आवय वो |
| 10 | LK262 | नव दिन बर आये ओ पहुना बरोबर दाई |
| 11 | LK342 | मन मोर लंगुरवा वो दाई |
| 12 | LK333 | मोला बेटा कहिके बुलाले |
| 13 | LK311 | जप हर हर हर हर भोला गुरू महादेव |
| 14 | LK340 | नेवता नेवत के हो जग रचेव महामाई |
| 15 | LK304 | सुवा नाचे सातो बहिनिया |
| 16 | LK288 | हो मईया फूल गजरा |
| 17 | LK380 | माहांगा ले ले आरती हो माय |
| 18 | LK363 | इतना के बेरिया कउन देव ला सुमिरव वो |
| 19 | LK344 | मोर भोले बाबा बईला मा चढ़के |
| 20 | LK778 | जब दौड़े कालिका रक्त पियन बर हां |
| 21 | LK295 | थैया थैया नाचे मोर अंगना |
| 22 | LK290 | ढोल बाजे रे, नंगारा बाजे न |
| 23 | LK309 | तोर घर के अंगना मा दाई |
| 24 | LK291 | भोला संग लड़े बर भीड़ गे |
| 25 | LK265 | सगे बेटी होगे सगा पहुना |
| 26 | LK332 | आरूग हे कलशा दाई |
| 27 | LK260 | श्री भगवती चरण ला मनावव वो |
| 28 | LK324 | तोला मोला सब ला जाना हे |
| 29 | LK371 | जोरव जोरव जोरव जोरन हो |
| 30 | LK343 | यहो कब होही तोर दर्शन मैया |
| 31 | LK272 | तोला दुर्गा कहव की माँ काली |
| 32 | LK372 | महामाया पांचो रंग करे हे सिंगारे हो माँ |
| 33 | LK775 | सोला सिंगार करके, लाली चुनरिया ओढ़े |
| 34 | LK354 | बईठे हावस तरिया के पार |
| 35 | LK464 | चलो दरस बर जाबो जाबो डांगरगढ़ बमलाई के |
| 36 | LK339 | सुन ले मोर गोहार महामाई |
| 37 | LK303 | बजरंगबली बजरंगबली गली गली म नाम हे |
| 38 | LK374 | डोरी सांस के बंधे बम भोला ले |
| 39 | LK305 | चहके चिरैया बोले वो |
| 40 | LK357 | तोला घेरी बेरी परनाम वो |
| 41 | LK360 | हे कोरी कोरी नरियर चढ़े |
| 42 | LK592 | जोत जंवारा होथे माता विसर्जन तोर |
| 43 | LK289 | निंबुआ के धरम के दुआर हो माया |
| 44 | LK269 | नाचथे लंगुरवा झूम झूम के दाई के भुवन मा |
| 45 | LK285 | चल ना गा जाबो बरतिया भोला के बरतिया |
| 46 | LK347 | कोनो नरियर मांगत हे कोनो बाना मांगत हे |
| 47 | LK377 | अजब सजे हे महामाया रतनपुर में |
| 48 | LK283 | झुमरी तलैया के पारे |
| 49 | LK383 | फुलवा के डोरी |
| 50 | LK356 | तरसे नैना मोर कब होही दर्शन तोर |
| 51 | LK293 | कउने तोरे अंगना बटोरे बूढी माई वो |
| 52 | LK298 | नव दुर्गा तैं हर कहाये ओ मैया |
| 53 | LK355 | ए दुलौरिन दाई ओ जिनगी हावय दिन चार |
| 54 | LK364 | गउवा चराए प्रतिपाला |
| 55 | LK331 | हे चईत के महिना दाई आबे मंझनी |
| 56 | LK365 | पथरा के संगी भगवान हे |
| 57 | LK286 | ओ मईया झुप झुप महुला नचाई दे |
| 58 | LK276 | सावन म शिव जी ला मनाबो |
| 59 | LK388 | तोला बंदव दाई |
| 60 | LK301 | ए दे चले महामाई - गंगा अस्नान्दे |
| 61 | LK772 | दाई दुर्गा दाई वो तोर चरण मा पड़े हव |
| 62 | LK329 | नीम छंईहा मा बिराजे दाई मोर |
| 63 | LK386 | तोरे आरती हो मईया |
| 64 | LK268 | शीतल कर शीतला दाई |
| 65 | LK336 | धमतरी के बिलई माई |
| 66 | LK915 | फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे |
| 67 | LK373 | जगतारण देवी वो.... तोर महिमा बरनी न जाए |
| 68 | LK284 | गाड़ा गाड़ा हे जोहर भोले बाबा |
| 69 | LK366 | लंगुरे नई मानत हावय वो |
| 70 | LK326 | आमा पान के पतरी |
| 71 | LK385 | टोनही झुपथे आधा रात के |
| 72 | LK335 | झन जा तै बेटा कौरु नगर के गांव |
| 73 | LK338 | गजरा लगाये मैया |
| 74 | LK370 | मैया जी लाने परघाय |
| 75 | LK889 | हो अवघडिया बाबा भोला तै कहाए |
| 76 | LK473 | ये चंदवा बैगा जांजगीर के चंदवा बैगा गा |
| 77 | LK327 | मोला संग देबे दाई आवत जावत ले हा |
| 78 | LK618 | कंकालिन मोरे मया हो चंडालिन मोरे माया |
| 79 | LK275 | कऊहा के देवता मोर लऊहा लऊहा करे दाई |
| 80 | LK361 | नान्हे नान्हे डोंगरी पहाड़ी |
| 81 | LK345 | हे रइया ओ रतनपुर के महामायी |
| 82 | LK287 | सदा भवानी दाहिन रईहो माया मोर |
| 83 | LK368 | चाहे रिसाए ये जग सगरो दाई तैं झन रिसाबे |
| 84 | LK390 | तोला झूलना झूलावव दाई |
| 85 | LK310 | परेतिन दाई बोईर के |
| 86 | LK267 | निर्मल पानी भवानी मा ताले सगुरिया के हो |
| 87 | LK382 | ए हो मोहनी मुरतिया हे तोर |
| 88 | LK292 | देवी नमस्ते हो मईया देवी नमस्ते |
| 89 | LK321 | कईसे रचे हस वो तै हा जग संसार |
| 90 | LK349 | मै तो मैया जी के करथव श्रृंगार हो मा |
| 91 | LK405 | अंधरी अंधरा दाई ददा ला तीरथ घूमा दिये रे |
| 92 | LK270 | मया पिरित के डोरी मा दाई |
| 93 | LK281 | झिल मिल वो बारे हओ दिया |
| 94 | LK797 | मोर शीतला भवानी वो दुलरू के रचे वो बिहाव |
| 95 | LK264 | हो मोरे केवल माँ राहो जगत के |
| 96 | LK381 | तोर बगिया के ओ मोला बना ले दाई माली |
| 97 | LK300 | नव दिन नव रात जागव वो |
| 98 | LK698 | जनम देवैया कुंती मैया, कैइसन करम कमाय |
| 99 | LK367 | अब पहिरो माता लाली लुगरिया |
| 100 | LK916 | कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा |
| 101 | LK387 | मोर अलख निरंजन डमरू बजावत |
| 102 | LK317 | माटी मा रूप धर के दाई नव दुर्गा आगे |
| 103 | LK923 | सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स |
| 104 | LK872 | ए हो महामाई कैसे के गुन तोर गांव |
| 105 | LK348 | बारामास भवानी रुच मुच कसे हो सिंगार |
| 106 | LK278 | यहो जग पर कलशा |
| 107 | LK804 | अंगार मोती मोरे दाई ओ |
| 108 | LK359 | मैया झुलत हावय झुलना |
| 109 | LK358 | आगे मईया के नवरात |
| 110 | LK299 | जय जय हो शीतला भवानी |
| 111 | LK808 | दीयना बरत होगे जगमग जगमग |
| 112 | LK734 | मुड़ मा बिराजे हावै महामाई ना |
| 113 | LK308 | तोर जस ला गाहूं ओ दाई |
| 114 | LK315 | कोरी कोरी नरियर चघावौ दाई तोला ओ |
| 115 | LK894 | तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन |
| 116 | LK313 | झुले नजरे नजर मे दाई |
| 117 | LK330 | दाई तोर आंखी ले बरसे पानी |
| 118 | LK494 | दाई तोला खोजत हौ मै ऐ पारा ओ पारा |
| 119 | LK921 | मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो |
| 120 | LK743 | नव कलशा साजे हौं नवरात मा |
| 121 | LK893 | चले आबे भवानी भुवन मा वो |
| 122 | LK604 | कहा जाबे रे बैरी आज तोर काल खड़े हे |
| 123 | LK729 | मोर पतंग के डोरी तोर हाथ में ओ दाई |
| 124 | LK273 | छोटे छोटे तोर लईका वो दाई |
| 125 | LK605 | कईसे छुटाहूं दाई वो दु बून्द लहू के तोर लागा ला |
| 126 | LK407 | अपने हाथ मुड़ ला काटे तभे जस छाये |
| 127 | LK609 | काखर जंवारा मईया गली ले निकल गे |
| 128 | LK314 | आरूग आरूग कहिथस माता |
| 129 | LK802 | तोरे आरती में मैया पांचो पंडवा आवै हो |
| 130 | LK917 | देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया |
| 131 | LK351 | चल ना जोत जलाबो |
| 132 | LK318 | मना के लाबो जी चला लाला लंगुरवा ला |
| 133 | LK704 | मईया जी लाने परघाय मोर माता |
| 134 | LK280 | तीजा बरोबर आऐ ओ दाई |
| 135 | LK418 | बईला म चघ के चले हे महादेव |
| 136 | LK566 | जगमग जगमग दीया बरत हे अंबा के आरती होवै |
| 137 | LK918 | शंकर भोला भंडारी गर पहिरे डोमी कारी |
| 138 | LK914 | कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर, |
| 139 | LK391 | आजा आजा बघवा सवारी कर के आजा |
| 140 | LK922 | हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया |
| 141 | LK799 | शारद मोर सती माँ पईया ला लागव मै तोर |
| 142 | LK558 | हो मईया छत्तीसगढ़हीन सुमर सुमर गुन गावौ हो माँ |
| 143 | LK555 | हे मईया शारदे मया अऊ दुलार दे |
| 144 | LK521 | सुन लौ सुन लौ सुन लौ गा एक राजा के कहानी |
| 145 | LK619 | धीरे धीरे चल वो भवानी देखें गंगा महारानी |
| 146 | LK328 | धन धन हे विधाता तोर गढ़ना |
| 147 | LK325 | दीयना बरथे हिंगुलाज |
| 148 | LK768 | रंग झाझर मच के रण मा गा दुर्गा उमियागे |
| 149 | LK911 | उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार |
| 150 | LK793 | तुम झुलव महामाई निमुआ के डारा मा हा |
| 151 | LK727 | मोरे महामाया के मंदिर म चिरईया बोलै |
| 152 | LK320 | अमली के मटिया बोइर के परेतीन |
| 153 | LK784 | जावत हावस छोड़ के बड सुरता आबे वो |
| 154 | LK801 | शीतलंग शीतलंग मईया खोजे बूढ़ी माई |
| 155 | LK688 | माता वो पाताल भैरवी |
| 156 | LK577 | ऐ जंवारा निकलगे |
| 157 | LK277 | मोर पांव मा परगे छाला |
| 158 | LK919 | जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु |
| 159 | LK913 | आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार) |
| 160 | LK861 | तोर भुवन में हरियर हरियर बोये जंवारा वो |
| 161 | LK495 | डंका तोर जग मा बाजे वीर भगत राज हनुमाने |
| 162 | LK610 | कलसा उपर दीयना दीयना उपर बाती |
| 163 | LK787 | कौरुनगर के हो, अटपट हावे विदिया |
| 164 | LK607 | जावत हे सब ला रोवाके |
| 165 | LK353 | हो मैया जय हो दुर्गेश्वरी |
| 166 | LK857 | तोर घर के अंगना म दाई जवा बोए हंव माता |
| 167 | LK319 | तोर चरण म करमा माता |
| 168 | LK887 | ये तन के पिंजरा ले सुवना फूर ले उड़ जाही गा |
| 169 | LK714 | मोला बेटा कहिके बुलाले ओ महामायी |
| 170 | LK574 | लहरावत हे जंवारा हो मांँ |
| 171 | LK279 | शबरी के जईसे हावै दाई तोर मया वो |
| 172 | LK550 | गंगा नहाऐ बर चले हो दुर्गा मईया |
| 173 | LK400 | अहो लंगुरवा मोर बर पालकी सजा दे गा |
| 174 | LK920 | सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी |
| 175 | LK912 | कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर |
| 176 | LK674 | ऐ मईया शीतला मांगत हौ दाई देदे भीख ला |
| 177 | LK924 | डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा |
| 178 | LK731 | दाई मोर पथरा के भगवान |
| 179 | LK562 | मन मोहि डरे वो दुर्गा दाई होवत हे तोर बिदाई |
| 180 | LK650 | लाली लाल चुनरी में सोन धरी लुगरा |
| 181 | LK621 | कंकालीन मोरे माया हो चले हो रण में |
| 182 | LK352 | तोर चरण पखारी लेतेव दाई |
| 183 | LK723 | मोर दाई नव दुर्गा माटी म तोला सिरजांव |
| 184 | LK859 | तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई |
| 185 | LK647 | लहराये जंवारा दाई तोर भुंवन मा |
| 186 | LK587 | झूलना म झूलत हावै जम्मो इक्कीस बहिनिया |
| 187 | LK662 | तुम खेलव दुलरवा रनबन रन बन हो |
| 188 | LK868 | तुंही ला सुमिरौ हो ऐ जगत के ओ जननी |
| 189 | LK684 | मरघहीन काली ओ |
| 190 | LK425 | कातिक महिना धरम कर माया मोर |
| 191 | LK796 | तुहिला मै जानेव दाई, मोर पथरा के भगवान |
| 192 | LK672 | मैया जी के बगिया मा रंग रंग फूलवा |
| 193 | LK673 | मैया मै तोर हौ दीवाना |
| 194 | LK612 | काली कंकालिन वो परत हौ तोरे पईया |
| 195 | LK748 | निंबुआ के धरम दुवारे हो माया |
| 196 | LK624 | करे भगत हो आरती माई दोई बिरियां |
| 197 | LK369 | तोर दया होतिस त दाई |
| 198 | LK341 | तोर दया ला पाके बईगा भुत भगाए |
| 199 | LK781 | ससुरे ले आये लेनहार चले वो दाई |
| 200 | LK928 | सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा सेवा में ध्यान लगाये हो मां |
| 201 | LK654 | लंगुरे नई मानत हावै ओ |
| 202 | LK567 | जगमग ज्योत जले हो मैया जगमग ज्योत जले |
| 203 | LK800 | शारद मोर सती माय पईया लगत हौ मै हा तोर |
| 204 | LK376 | झुपत रहिबे ओ दाई |
| 205 | LK266 | काहे के दीयना दाई काहे के बाती वो |
| 206 | LK635 | कउने तोर सगुन बिचारे देवी दुर्गा |
| 207 | LK657 | लिमवा के पाना कुंवर |
| 208 | LK817 | कोरा म शिव ल खेलाये मरघटहीन काली |
| 209 | LK692 | माटी के दाई दुर्गा गढ़ गढ़ तोला बनाव |
| 210 | LK837 | बईठे हवय बमलाई डोंगरगढ़ मा |
| 211 | LK652 | आबे आबे हमर गांव मा मईया नवरात्रि मा जरूर |
| 212 | LK350 | मोला बता दे माई मोर का कसुर हे |
| 213 | LK925 | फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में |
| 214 | LK856 | तोर गठरी ला बांध ले दाई अब हो गे जाऐ के बेरा |
| 215 | LK794 | ढोल बाजे रे, नंगारा बाजे न |
| 216 | LK730 | तुहीं ला मैं समझेव दाई मोर पथरा के भगवान |
| 217 | LK296 | तोर चरण म करमा माता दिन रात नवावौ माथा |
| 218 | LK876 | उमे हे जोगनिया हो मोर भैरव लाल के |
| 219 | LK573 | बमलेश्वरी दरबार में डोंगरगढ़ जाबो |
| 220 | LK323 | चलव दुलरवा करसा परघाबो |
| 221 | LK337 | नव दिन नव रात जागव वो |
| 222 | LK806 | झूलना मा बईठे मोर माता |
| 223 | LK504 | दीया बर गे हो रइया रतनपुर मा रइया रतनपुर मा या |
| 224 | LK563 | इहि जीव आथे इहि जीव जाथे |
| 225 | LK491 | धरम के धजा फहराये बर कैना रूप मा - जस |
| 226 | LK423 | ये लिमवा के डारा घनघोर हो माया मोर |
| 227 | LK403 | अईसे जगजननी हो मईया अईसे जगजननी |
| 228 | LK749 | निकले हे भुवन ले जोत जंवारा माता रानी के |
| 229 | LK274 | शिव जटा ले गंगा बोहाके झलमला में आगे ना |
| 230 | LK863 | तोर माथ के बिंदिया दाई चमकत रथे |
| 231 | LK841 | तीनो जुग मा तै हा आये ओ |
| 232 | LK737 | नैना ले आंसू झर झर जाये माई |
| 233 | LK375 | हे दुर्गा दाई तोर महिमा हे महान |
| 234 | LK759 | तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो |
| 235 | LK334 | चिलम तिरईया आगे ना |
| 236 | LK263 | जोत जंवारा होथे माता विसर्जन तोर |
| 237 | LK718 | मोर बेटा दुलरवा झन जाबे रे |
| 238 | LK715 | मोला ढेलवा झूले के बड़ा साध |
| 239 | LK513 | ये दुर्गा दाई के भूवन मा खेलत हे दुलरवा रनबन रनबन |
| 240 | LK927 | हुमन होवय दुर्गा, माता तोर अंगना हुमन होवय वो |
| 241 | LK763 | रण चंडी बने ओ मोर देवी दुरपती |
| 242 | LK499 | ऐे देवता झूमर झूमर के नाचे हो - माते सिरी के दरबार मा |
| 243 | LK634 | कौने तोरे अंगना बटोरे बूढ़ी माई ओ |
| 244 | LK570 | जइसे गंगा के पानी अटाये नही ओ |
| 245 | LK858 | तोर कईसे बिदाई मैं करौं दुर्गा दाई |
| 246 | LK603 | काबर रिसागे वो दाई |
| 247 | LK599 | का पाये तैं हा भोला गा भोला मया ला बाट के |
| 248 | LK569 | कलकल कलकल कलकल करे माता काली |
| 249 | LK515 | महामाई ले जोत निकले एक नही कई कोत निकले वो |
| 250 | LK436 | हे मैया तोर कारण भोला के चेत हरागे |
| 251 | LK751 | पग पग आरती उतारव मोरे मां |
| 252 | LK409 | मैं का चढ़ावौ दाई तोला वो अर्पण हे मोर जिनगानी |
| 253 | LK379 | दाई तोर पईया लागव |
| 254 | LK316 | चलो दरस बर जाबो जाबो डांगरगढ़ बमलाई के |
| 255 | LK929 | बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे |
| 256 | LK803 | झील मिल वो झील मिल वो |
| 257 | LK728 | मोर माटी के दाई दुर्गा मैं निक निक तोला बनावव |
| 258 | LK670 | मैं बांधव माता भूत परेत ला हां |
| 259 | LK527 | गौरी हा चढ़गे वो गौरा हा चढ़गे गौरा हा चढ़गे चढ़गे डड़ैया निक लागे |
| 260 | LK622 | हो मन मोही डारे ओ दाई मोहनी मूरतिया हा तोर |
| 261 | LK930 | तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा |
| 262 | LK666 | महामायी मोरे झूले झूलना बुढ़ीमायी मोरे झूले झूलना |
| 263 | LK586 | हो मैया झूलना झूले बर |
| 264 | LK935 | मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन |
| 265 | LK807 | डोंगरगढ़हीन दाई बमलाई |
| 266 | LK932 | मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां |
| 267 | LK667 | महामाया के दर्शन कर लौ रे |
| 268 | LK529 | गउवा चराये प्रतिपाला मोर किसन कन्हैया |
| 269 | LK516 | ऐ हो मलनिया रद्दा भर फूलवा बिछा दे |
| 270 | LK442 | ये हो बीरा सुमिरौ मैं हनुमान महा मोर मावलिया |
| 271 | LK294 | अंगार मोती मोरे दाई वो |
| 272 | LK931 | लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू |
| 273 | LK926 | तोर झूल झूल आरती उतारव वो हे दुर्गा महारानी |
| 274 | LK840 | तीजा बरोबर आऐ ओ दाई |
| 275 | LK762 | राम लखन बोए हे जंवारा ओ माते सिरी |
| 276 | LK601 | का तोला मानव दाई का तोला मानव ओ |
| 277 | LK671 | मईया झूलत हावै झूलना |
| 278 | LK669 | नव दिन बर माटी के दुर्गा माढ़े महामायी ओ |
| 279 | LK936 | थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना लंगुरवा माई के अजब बने हे चोलना |
| 280 | LK843 | तोला दुर्गा कहौं की माँ काली |
| 281 | LK828 | तैं झूपत आबे वो |
| 282 | LK938 | अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel |
| 283 | LK934 | गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया गरबी के गरब नवाये हो मां |
| 284 | LK477 | छिनमस्तिका वो मोर मईया छिनमस्तिका वो मोर |
| 285 | LK708 | महा मोरे मावलिया हो मा |
| 286 | LK493 | दाई मोला नौकर बना ले ओ तोर डेहरी के |
| 287 | LK940 | थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा |
| 288 | LK693 | माटी के दुर्गा तोला बइठारेव |
| 289 | LK939 | हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े |
| 290 | LK937 | धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद |
| 291 | LK870 | उड़ जा रे पंछी मईया के दुवरिया |
| 292 | LK860 | तोर कोरा के खेलईया लईका आन ओ |
| 293 | LK854 | तोर दर्शन पायेव ओ नव कलशा मे महामायी |
| 294 | LK834 | का रंग मा रंगाये मोला ओ तरसत हे नैना दरस बर |
| 295 | LK736 | मै हा तोर भाव भजन ला नई जानव ओ |
| 296 | LK722 | ऐ मोर दाई जतमाई वो |
| 297 | LK707 | मोरे मावलिया |
| 298 | LK392 | ऐ मोर महतारी तोरे दुवारी आरती सजांव |
| 299 | LK845 | तोला मार के मैं हा गिराहूं रे मैं वो दुर्गा अंव |
| 300 | LK756 | दाई तोर आंखी ले बरसे पानी |
| 301 | LK614 | कलयुग में काली अवतरही पापी मन के नाश ला करही |
| 302 | LK608 | कईसे रचे हस वो तैं हा जग संसार |
| 303 | LK420 | बालोद के तीर मा हावै तोर गांव |
| 304 | LK282 | ए महक मारे दाई वो तोरे फूलवारी |
| 305 | LK960 | कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव |
| 306 | LK944 | जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन |
| 307 | LK933 | दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू |
| 308 | LK855 | तोर डीही के दीया बरईया मन गोहारे तोला ओ |
| 309 | LK745 | नवरात के दुर्गा वो |
| 310 | LK458 | चल चंदरपुर जाबो गा भैया |
| 311 | LK306 | ऐ हो मलनिया रद्दा भर फूलवा बिछा दे |
| 312 | LK951 | चले आबे वो मैया अंगना मा मोर चले आबे भवानी अंगना मा मोर |
| 313 | LK838 | तरसे नैना मोर कब होही दर्शन तोर |
| 314 | LK820 | सुरता सुरता दाई तोर सुरता आते वो |
| 315 | LK815 | महा मोरे मावलिया हो मा |
| 316 | LK746 | नीम छंईहा मा बिराजे दाई मोर |
| 317 | LK740 | नव कलशा नव कलशा |
| 318 | LK649 | लाली लाली चुनरी ले ले ओ |
| 319 | LK362 | आशीष दे दुर्गा भवानी |
| 320 | LK943 | भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू |
| 321 | LK862 | तोर मया के कईसे दाई करौ मै बखान |
| 322 | LK849 | तोर बगिया के ओ मोला बना ले दाई माली |
| 323 | LK835 | दिया ना बाती ना तेल नइये |
| 324 | LK739 | नव दुर्गा अवतार हो नव दिन राती मा |
| 325 | LK681 | माई के दुलरवा ला मना के लाबो |
| 326 | LK957 | माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना-पारंपरिक |
| 327 | LK877 | उठो उठो भवानी अब तो जागो |
| 328 | LK630 | करसा बनादे कुम्हरा करसा बनादे गा माता के आगे नवरात |
| 329 | LK492 | जागत जागत सब दिन सुमिरौ |
| 330 | LK955 | चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां -पारंपरिक |
| 331 | LK623 | कईसे करंव मैं दाई ओ जग ला रचे बर मन बनाये हौ |
| 332 | LK510 | तोर डेहरी मा दाई वो ऐ शीतला दाई सेवकाई करतेंव |
| 333 | LK968 | चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां -पारंपरिक |
| 334 | LK947 | हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना -पारंपरिक |
| 335 | LK946 | आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-पारंपरिक |
| 336 | LK821 | सुरता तोर आही मोला वो |
| 337 | LK814 | मोरे मावलिया हो मावलिया |
| 338 | LK805 | चल ना जोत जलाबो |
| 339 | LK613 | चले काली कराली मरघट वाली दानव के संग में लड़ने को |
| 340 | LK514 | दुर्गा दाई के दरबार चलो आगे रे नवराती तेवहार |
| 341 | LK484 | नव दिन बर भेज के तोला किरपा करे हे भोला |
| 342 | LK987 | ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके -पारंपरिक |
| 343 | LK984 | मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा |
| 344 | LK982 | भैया ठाकुर देव मोर बाबा ठाकुर देव -पारंपरिक |
| 345 | LK962 | तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी |
| 346 | LK950 | तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन |
| 347 | LK941 | मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन |
| 348 | LK864 | तोर माया के छटा बगारगे |
| 349 | LK615 | मोर दुर्गा दाई ओ कण कण मा तै समाए |
| 350 | LK422 | बन्दव तोला दाई ओ सुमिरौ तोला माई ओ |
| 351 | LK307 | आसन म बघवा काबर सुहाए हो |
| 352 | LK988 | काखर आना हो मैया काखर बाना हो -पारंपरिक |
| 353 | LK978 | जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां -पारंपरिक |
| 354 | LK885 | ये हो अटल कुंवारी दाई देथे दुलार वो |
| 355 | LK742 | नव कलसा मा बिराज |
| 356 | LK687 | माता रानी के दरबार |
| 357 | LK685 | माता महरानी के गांव संतो |
| 358 | LK389 | मन शीतल कर शिव शंकर |
| 359 | LK975 | आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई |
| 360 | LK969 | लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव |
| 361 | LK956 | हे मैया माता सेवा मा चले आबे |
| 362 | LK949 | सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गायेन वो -पारंपरिक |
| 363 | LK945 | पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव |
| 364 | LK726 | मोर करेजा फट जाही जब होही तोर बिदाई |
| 365 | LK676 | ममता के आँसू बरसाये दाई ओ |
| 366 | LK512 | दुनो मुड़ मा बिराजे बड़ निक लागे महामायी ओ |
| 367 | LK986 | हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां |
| 368 | LK985 | हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा आदि भवानी -नारायण सोनी |
| 369 | LK983 | तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार |
| 370 | LK980 | जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता -पारंपरिक |
| 371 | LK977 | घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली |
| 372 | LK976 | जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला-पारंपरिक |
| 373 | LK971 | तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा महामाई -कुबेर साहू |
| 374 | LK970 | अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां -पारंपरिक |
| 375 | LK964 | जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा जगमग जगमग हां |
| 376 | LK961 | तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर |
| 377 | LK847 | तोला मोला सब ला जाना हे |
| 378 | LK819 | सुपा सुपा लाई दाई |
| 379 | LK406 | अंटागढ़ वाली दाई अंटागढ़ वाली वो |
| 380 | LK979 | झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू |
| 381 | LK974 | आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर |
| 382 | LK972 | तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा |
| 383 | LK967 | जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां -पारंपरिक |
| 384 | LK966 | तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू |
| 385 | LK965 | ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई ला महामाई ला-कामता सेन |
| 386 | LK959 | जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू |
| 387 | LK954 | आरती मां के सजाये ओ मोर भैया लंगुरे -पारंपरिक |
| 388 | LK948 | जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है (पारंपरिक)-हेमंत तेली |
| 389 | LK989 | ये बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे |
| 390 | LK973 | हो मैया ताले सगुरिया ताले सगुरिया के निर्मल पानी -अनुसूईया साहू |
| 391 | LK963 | जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां -पारंपरिक |
| 392 | LK953 | ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे मोर पारथे गोहार |
| 393 | LK942 | मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण |
| 394 | LK981 | हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो |
| 395 | LK958 | हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई मन के मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 396 | LK952 | मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा |