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77 लिरिक्स
| 1 | LK915 | फुलवा देखन बर हां सब देवता आवे |
| 2 | LK916 | कौने तोरे बिरही फिलोये देवी दुर्गा |
| 3 | LK923 | सेवा में बाग लगाए - पचरा- पूरा लिरिक्स |
| 4 | LK894 | तोला सुमिरव मैया काली कंकालिन |
| 5 | LK921 | मोर रिमझिम बरसे सावन बुंदिया हो |
| 6 | LK917 | देव बस्तर ला काबर छोड़े दन्तेश्री माया |
| 7 | LK914 | कार्तिक महिना धरम के हो माया मोर, |
| 8 | LK922 | हरियर मड़वा गड़ाए गड़ाए हो मैया |
| 9 | LK911 | उम्हगे दुलरवा हो सागर के ओ पार |
| 10 | LK919 | जब घरर घरर घर हो गरजे वो महामाई - संतोष यदु |
| 11 | LK913 | आओ देवी शारदा हमरो दुवरिया हो (निमुआ हे धरम दुवार) |
| 12 | LK920 | सन्झा के आरती उतारव मोर आदि भवानी |
| 13 | LK912 | कामा सिरजाबो तोर रैया रतनपुर मोर |
| 14 | LK924 | डग डमरू बाजे, डगरे-डगरे डग हा |
| 15 | LK859 | तोर किसम किसम के मनाये ओ जुड़वास ओ दाई |
| 16 | LK928 | सेवा में ध्यान लगाये मोर पंडो राजा सेवा में ध्यान लगाये हो मां |
| 17 | LK925 | फूल बनके उड़थे बहार माया के दरबार में |
| 18 | LK929 | बाजा बाजे वो भुवन मा कै जोड़ी बाजा बाजे |
| 19 | LK930 | तरसाई डारे का ओ दाई अलिन गलीन म-ताम्रध्वज वर्मा |
| 20 | LK935 | मन भाये हो माता लिमुआ के छैइयां हां -युकेश देवांगन |
| 21 | LK932 | मैया सेवुक खोजन चले जावय हो मां |
| 22 | LK931 | लहराये जंवारा हरियर हरियर हां-रविलाल साहू |
| 23 | LK936 | थैया थैया नाचे अंगना नाचे अंगना लंगुरवा माई के अजब बने हे चोलना |
| 24 | LK934 | गरबी के गरब नवाये नवाये हो मैया गरबी के गरब नवाये हो मां |
| 25 | LK938 | अपने भुवन ले निकले कालिका- Dr Vipin Janghel |
| 26 | LK940 | थैया थैया नाचे हनुमान बजावत हावे-दीपक वर्मा |
| 27 | LK939 | हनुमान जनम ले कौने कारण बर हां-दिनेश जांगड़े |
| 28 | LK937 | धरती ऊपर कलश कलश ऊपर मलवा हो-युवराज निषाद |
| 29 | LK960 | कंकालीन मोरे माया हो चंडालीन मोरे माया -भुनेश्वर यादव |
| 30 | LK944 | जब हर हर हर हर भोला गुरु महादेव -गौतम टंडन |
| 31 | LK933 | दौड़त दौड़त आयेव मां रेंगत रेंगत आयेव मां-कुबेर साहू |
| 32 | LK951 | चले आबे वो मैया अंगना मा मोर चले आबे भवानी अंगना मा मोर |
| 33 | LK943 | भोला जोतय वो नागर ला डोंगरी के तीरे तीर हां-दीपक साहू |
| 34 | LK957 | माया के दरबार सेवुक सेवा में आये ना-पारंपरिक |
| 35 | LK955 | चंडी महरानी तोला मै सुमिरौ हां -पारंपरिक |
| 36 | LK968 | चले आये महादेव बगिया घुमन बर हां -पारंपरिक |
| 37 | LK947 | हंसा बिना हंसा बिना हो तोर सरवर सुन्ना -पारंपरिक |
| 38 | LK946 | आसन बर माता नेवता ला देवत हांवो ना-पारंपरिक |
| 39 | LK987 | ते कैसे उड़ाये रे मैना ये पिंजरा ला बैरी बनाके -पारंपरिक |
| 40 | LK984 | मोर आदि भवानी तोही ला मैं सुमिरौ हो-रत्ना विश्वकर्मा |
| 41 | LK982 | भैया ठाकुर देव मोर बाबा ठाकुर देव -पारंपरिक |
| 42 | LK962 | तै कामा झूला झूलबे हो मैया बांधेव नीम डारा मा-सुनील तिवारी |
| 43 | LK950 | तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां-युकेश देवांगन |
| 44 | LK941 | मोरो मन हुलसे कमल दल बिहसे-युकेश देवांगन |
| 45 | LK988 | काखर आना हो मैया काखर बाना हो -पारंपरिक |
| 46 | LK978 | जग रचेव महामाई नेवता नेवत के हां -पारंपरिक |
| 47 | LK975 | आबे जंवारा मा वो तोला नेवता हे दाई |
| 48 | LK969 | लहराये जंवारा लहरे लहरे मनभावन -मनहरण साहू,पंचु यादव |
| 49 | LK956 | हे मैया माता सेवा मा चले आबे |
| 50 | LK949 | सुमिरन सुमिरन मैया तोरे जस गायेन वो -पारंपरिक |
| 51 | LK945 | पांचो अंग सजले हां सिंगारे वो दाई -रामलाल यादव |
| 52 | LK986 | हां हां मोर माई सुमिरव मैं शीतला ला हां |
| 53 | LK985 | हो मैया आदि भवानी हो दुर्गा आदि भवानी -नारायण सोनी |
| 54 | LK983 | तैं लाये मलनिया चुन चुन फूलवा के हार |
| 55 | LK980 | जब उतरे हे रण में हो मोर ठाकुर देवता -पारंपरिक |
| 56 | LK977 | घुमर घुमर रण गरजय चंडी चामुंडा काली |
| 57 | LK976 | जब बंदनी बंदव हो दुर्गा महारानी ला-पारंपरिक |
| 58 | LK971 | तोर जस महिमा लहराये ओ जय दुर्गा महामाई -कुबेर साहू |
| 59 | LK970 | अब तो मोरो मन बसे हिंगलाज चले हो मां -पारंपरिक |
| 60 | LK964 | जगमग जगमग हो जगजोत जंवारा जगमग जगमग हां |
| 61 | LK961 | तरहिच नारी नाहना हो माय नाहा नारी नाहना ये वो-गजेन्द्रसिंह ठाकुर |
| 62 | LK979 | झूपत आबे ओ मैया नाचत आबे ओ-कुबेर साहू |
| 63 | LK974 | आगे हे नवरात्रि हर सुघर नवें दिन बर |
| 64 | LK972 | तोला बंदव माता काल निरंजनी हां -सुरेश शर्मा |
| 65 | LK967 | जोत जले हे नवराति मैया के भुवन मा जोत जले हो मां -पारंपरिक |
| 66 | LK966 | तोर पांव के घुंघरू छून छुन बाजे हां -कुंजलाल साहू |
| 67 | LK965 | ये चिठिया लिखत हंव हो दुर्गा दाई ला महामाई ला-कामता सेन |
| 68 | LK959 | जब कौरु नगर झन जाबे रे बेटवा कौरु नगर झन जाबे -कुबेर साहू |
| 69 | LK948 | जब झुरहुर झुरहुर नार बोहत है (पारंपरिक)-हेमंत तेली |
| 70 | LK989 | ये बांसे भीरा मा बैठे भैया ये लंगुरवा गा-गुलाबा देवी खरे |
| 71 | LK973 | हो मैया ताले सगुरिया ताले सगुरिया के निर्मल पानी -अनुसूईया साहू |
| 72 | LK963 | जग जोत जलत हे तोरे दुवरिया हां -पारंपरिक |
| 73 | LK953 | ये बिजली जैसे चमके तलवार मोर काली माई उमगे मोर पारथे गोहार |
| 74 | LK942 | मैया अंगना कहां वो दुर्गा भुवना कहां-कामता प्रसाद शरण |
| 75 | LK981 | हो राख लेबे दाई मोला अछरा मा वो |
| 76 | LK958 | हो मैया मन के मंदिर मा वो दाई मन के मंदिर मा-भूषण फेकर |
| 77 | LK952 | मां आशीष देबे हो तोरे सरन मा आयेन-पुष्पा मिश्रा |